hindi sayaries in hindi
Friday, April 25, 2014
कोई नहीं रुकता इस ज़िंदगी में किसी के लिए
कोई नहीं रुकता इस ज़िंदगी में किसी के लिए
सब युही चलते रहते है
कौन देता है उम्र भर का साथ
लोग तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते है
गिर कर कभी हिमत ना हारना
मुश्किलें दिल के इरादे आज़माएं गी
निगाहों से खुवाबों के परदे हटाये गी
गिर कर कभी हिमत ना हारना
एहि ठोकरें तुम्हें ज़िन्दगी मैं चलना सिखाएं गी
मेरे दिल में तेरी जगह कुछ ख़ास है
ढलती शाम का खुला अहसास है ,
मेरे दिल में तेरी जगह कुछ ख़ास है …
तू नहीं है मालूम है मुझे ,
पर दिल कहता है दोस्त तू यही मेरे पास है
Sunday, April 20, 2014
किसी को मोहब्बत की सच्चाई मार डालेगी ,
किसी को मोहब्बत की गेहराई मार डालेगी ,
करके मोहब्बत कोई नहीं बचेगा ,
जो बच गया उसे तन्हाई मार डालेगी …
Saturday, April 12, 2014
मोहब्बत का यह अजब दस्तूर
ख़ुशी अगर हम से दामन बचाती है तो बचाए
हमें तो गम ही हैं रास आये
मोहब्बत का यह अजब दस्तूर देखा
उस्सी की जीत है ……जो हार जाए ……. ..
कही फिर से जिंदा न हो जाऊ
लौट जाती है दुनिया गम हमारा देखकर ,
जैसे लौट जाती है लहेरे किनारा देखकर .
तू कन्धा न देना मेरे जनाज़े को ,
कही फिर से जिंदा न हो जाऊ तेरे सहारा देखकर
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